प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पुलिस ने जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर-रामनगर गांव में एक मकान की तलाशी के दौरान जमीन में दबे तीन ड्रम मिले। इन ड्रमों में 500-500 रुपये के नोट भरे हुए थे। मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद रकम के वास्तविक स्रोत का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर चोरों और नकबजनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन करने के साथ खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अपराधियों की पहचान और जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ‘यक्ष’ ऐप का भी इस्तेमाल कर रही है। गंगानगर के डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस को सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर-रामनगर गांव में राजेश यादव और राकेश यादव के घर में चोरी की रकम जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित मकान पर छापेमारी की।

खुदाई के दौरान मिले तीन ड्रम
पुलिस ने मकान में संदिग्ध स्थान की तलाशी लेते हुए जमीन की खुदाई करवाई। इस दौरान जमीन के नीचे दबे तीन ड्रम बरामद हुए, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी रखी गई थी। कार्रवाई की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तलाशी और बरामदगी की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
पुलिस ने बरामद ड्रमों और नकदी को सील कर सुरक्षित रूप से मालखाने में जमा करवाया है। मामले की जानकारी संबंधित विभागों को भी भेज दी गई है। पुलिस अब बरामद रकम की गिनती, उसके स्रोत और इससे जुड़े संभावित आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है।
गांव में विवाद के बाद मिला सुराग
पुलिस के मुताबिक, जिस मकान से नकदी बरामद हुई है, वह यादव परिवार का है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजेश यादव और राकेश यादव पहले पुणे में काम करते थे और वर्ष 2020 में गांव लौटे थे। ग्रामीणों के हवाले से बताया गया है कि गांव लौटने के बाद दोनों भाइयों ने जमीन और ट्रैक्टर खरीदे थे। उनकी आर्थिक स्थिति में आए बदलाव को लेकर गांव में चर्चाएं होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि गांव में एक दिन पहले हुए स्थानीय विवाद के बाद पुलिस को परिवार के पास बड़ी मात्रा में नकदी होने की सूचना मिली थी। यह भी जानकारी मिली कि कथित तौर पर नकदी में से रोजमर्रा के खर्चों के लिए समय-समय पर पैसे निकाले जाते थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और नकदी के स्रोत का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
आयकर विभाग को भी दी गई सूचना
पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। संबंधित मकान को सील कर वहां सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को भी सूचना दी गई है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी कहां से आई, क्या इसका किसी चोरी की वारदात से संबंध है और पुणे में दोनों भाइयों के कथित रोजगार से इसका कोई जुड़ाव है या नहीं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



